एक दंता तेरे पे अपुन का हक बनता

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हो तेरे दम से फैला उजाला,

गणपति बाप्पा मोरिया,

हो हम सब का है तू रखवाला,

गणपति बाप्पा मोरिया ॥

हो तेरे दम से एक कदम से,

दुनिया तो हिल जाये,

हो मुश्किल में,

मांगो जो दिल से,

सब कुछ मिल जाए,

एक दंता एक दंता,

तेरे पे अपुन का हक बनता,

हाँ एक दंता एक दंता,

तेरे पे अपुन का हक बनता ॥

हो तेरे दम से फैला उजाला.......

हो तू मोहल्ले में हर साल आये,

सबके दिलों को तू मुस्काए,

हो ढोल तासे शहनाई बाजे,

तेरा डंका त्रिभुबन में गाजे,

हो हंस के रख दे हाथ किसी पे,

दुनिया संवर जाए,

तेरी दुआ से खाली झोली,

खुशियों से भर जाए,

एक दंता एक दंता

तेरे पे अपुन का हक बनता,

हाँ एक दंता एक दंता,

तेरे पर अपुन का हक बनता,

हो तेरे दम से फैला उजाला......

हो गौरी माँ का है तू दुलारा,

शिव शम्भु की आखों का तारा,

देवा तेरी मुसक सवारी,

रिद्धि सिद्धि है तेरी नारी,

शुभ और लाभ है बेटे तुम्हारे,

सबको मन भाये,

देख ले जो मूरत तेरी,

भक्त ही बन जाए,

एक दंता एक दंता,

तेरे पे अपुन का हक बनता,

हाँ एक दंता एक दंता,

तेरे पर अपुन का हक बनता,

हो तेरे दम से फैला उजाला,

गणपति बाप्पा मोरिया,

हो हम सब का है तू रखवाला,

गणपति बाप्पा मोरिया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।