मेरे सतगुरु आ जाओ आके दर्श दिखा जाओ

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सतगुरु आ जाओ,

अंखियां तरस रहिया आके दर्श दिखा जाओ.....-2

सत्संग विच आ जाओ,

भूले होए लोका नु सच्चा रास्ता दिखा जाओ.....-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

मंगा प्रेम दी भक्ति ऐ,

मेरे साहिब दी वाणी अमृत पई लागदी ए.....-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

दाता ठंडी ठंडी छां देना,

मेरे साहिब जी मैनू चरणा च थांह देना......-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

पंछी उड उड गांन्दे ने,

दर्शन कर गुरु दे सब दुख मिट जान्दे ने.....-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

रोम रोम विच समाए हो,

आज मेरे साहिब जी सत्संग विच आये हो.....-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

बागे विच हल्दी ए,

दर्शन दे प्यारया मेरी उम्र पई गलदी ए......-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

चिट्टा रंग है पतासे दा,

आज कोई आण मिले हारा वाले दे पासे दा......-2

मेरे सतगुरु आ जाओ......

दो पत्र अनारा दे,

आनंदपुर जान वास्ते आए दिन ने बहार आ दे......-2

मेरे सतगुरु आ जाओ,

अंखियां तरस रहिया आके दर्श दिखा जाओ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।