गजदंत के राजे बप्पा मोरिया

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजदंत के राजे बप्पा मोरिया,

मूषक पे विराजे बप्पा मोरिया,

गजदंत के राजे बप्पा मोरिया,

मूषक विराजे बाप्पा मोरिया।

तेरे मस्तक पे सोहे गुलाल का रंग,

तेरी होती है पूजा गोरी के संग,

धन्य तेरे चरणों को छूके हुए,

तेरी काया पे चमके शक्ल भूषण,

गजानन गजानन गजा बाप्पा मोरिया,

एकदंत दयावंत गजा बाप्पा मोरिया,

गजानन गजानन गजा बाप्पा मोरिया,

एकदंत दयावंत गजा बाप्पा मोरिया,

गणपति बप्पा मोरया,

गणपति बप्पा मोरया,

मोरिया रे मोरिया रे बप्पा मोरिया

मोरिया रे मोरिया रे बप्पा मोरिया.......

तेरे दर्शन को मन है व्याकुल,

थामे थमे ना मेरे कदम,

मेरे कदम,

सब देवों में ओ मेरे देवा,

होती है तेरी पूजा प्रथम,

एकदंत राजा तेरी पूजा करें,

तेरे चरणों पे अर्पित,

श्रद्धा का सुमन,

गजानन गजानन गजा बाप्पा मोरिया

एकदंत दयावंत गजा बाप्पा मोरिया.....

एकदंत दयावंत गिरजा सुमन गजानन,

देवा देवा भू पति गोरी सूत गजानन,

भाल चंद्रा बुद्धि नाश धुमरवरण गजानन,

रदमेश्वर शुरेश्वर चतुर्भुज गजानन,

एकदंत गजकर्ना गजवक्र गजानन,

गोरी शूकर लंकरना वक्रतुंड गजानन,

मनोमई गजानन, मृत्युंजय गजानन,

नंदनाना गजानन,

सुकदायक लंबोदर गणनायक गजानन,

गजानन गजानन गजा बप्पा मोरिया,

एकदंत दयावंत गजा बप्पा मोरिया......

सुख करता मोरिया, दुख हरता मोरिया,

एकदंत मोरिया, दयावंत मोरिया,

विघ्न हरता मोरिया,

मोरिया रे मोरिया,

गौरीसुत लंबोदर गणनायक मोरिया,

मोरिया रे मोरिया रे बाप्पा मोरिया,

मोरिया रे मोरिया रे बाप्पा मोरिया,

गणपति बप्पा मोरिया,

मोरिया रे मोरिया मंगल मूर्ति मोरिया,

मोरिया रे मोरिया गणपति बप्पा मोरिया,

मोरिया रे मोरिया मंगल मूर्ति मोरिया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।