बीते चरणों में ज़िंदगानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनिया घूम लिया हूँ,

मैंने परखे रिश्ते सारे,

झूठा दिखावा चकाचोंध सब,

फीके हैं सारे नज़ारे।

बीते चरणों में ये ज़िंदगानी,

यही है अरदास सांवरे,

जुड़ी रहे मेरी तुमसे कहानी,

यही है अरदास सांवरे,

बीते चरणों में ये ज़िंदगानी,

यही है अरदास सांवरे॥

दुनिया का बनके देखा,

मिली रुसवाई है

सब कुछ गंवा के,

मुझे समझ ये आई है,

देदो प्रेम की हमें भी निशानी,

यही है अरदास सांवरे,

जुड़ी रहे मेरी तुमसे कहानी,

यही है अरदास सांवरे,

बीते चरणों में ये ज़िंदगानी,

यही है अरदास सांवरे।

थक सा गया हूँ मैं तो,

अपने कर्म से

अब तो उठा है,

पर्दा झूठ भरम से

भुला दो ना प्रभु मेरी नादानी,

यही है अरदास सांवरे,

जुड़ी रहे मेरी तुमसे कहानी,

यही है अरदास सांवरे,

बीते चरणों में ये ज़िंदगानी,

यही है अरदास सांवरे।

दिल में उमंग तेरी,

होंठों पे नाम है,

कहता है मोहित तुझमे,

बसी मेरी जान है,

यूँ ही बनी रहे तेरी मेहेरबानी,

यही है अरदास सांवरे,

बीते चरणों में ये ज़िंदगानी,

यही है अरदास सांवरे।

मुझको दर पे बुला ले बाबा,

चरणों से लगा ले बाबा,

दर दर का भटका हुआ हु,

ना देर लगाओ बाबा,

अब दर्श दिखाओ बाबा,

ना देर लगाओ बाबा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।