भवन पर छैना बाजे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माता दी, जय माता दी.....

भवन पर छैना बाजे,

भाग मेरे सोये जागे,

मुझे कुछ ऐसा लागे माँ,

भाग मेरे सोये जागे माँ,

भवन पर छैना बाजे,

भाग मेरे सोये जागे।।

छैन की छन छन सुनके,

पाप कटते है मन के,

छैन की धुन में मस्ती,

जगाते छैने भगती,

भवन पर छैना बाजे,

भाग मेरे सोये जागे।।

मईया के लाडले छैने,

माँ की ममता के गहने,

छैनो को सुनकर दाती,

है पल में दौड़ी आती,

भवन पर छैना बाजे,

भाग मेरे सोये जागे।।

बिना छैने जगराता,

नहीं है शोभा पाता,

छैनो का करके पूजन,

भक्तजन करते सिमरन,

भवन पर छैना बाजे,

भाग मेरे सोये जागे,

मुझे कुछ ऐसा लागे माँ,

भाग मेरे सोये जागे माँ,

भवन पर छैना बाजे,

भाग मेरे सोये जागे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।