हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान

पारंपरिक
श्री राम भजन विष्णु भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,

जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,

हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,

जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....

तुम वेदों में उपदेश बने रामायण में संदेश बने,

रामायण में संदेश बने, रामायण में संदेश बने,

तुम तीन लोक के स्वामी हो अंतर क्या अंतर्यामी हो,

अंतर क्या अंतर्यामी हो, अंतर क्या अंतर्यामी हो,

विनती है तुमसे कि सबका करना तुम उद्धार,

तुम्हारे दशम् में दशम् अवतार करूँ मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते......

जो झुके तुम्हारे चरणन में, सुख भर ले अपने जीवन में,

सुख भर ले अपने जीवन में, सुख भर ले अपने जीवन में,

तुम पुण्य दान में रहते हो, तुम कथा ज्ञान में रहते हो,

तुम कथा ज्ञान में रहते हो, तुम कथा ज्ञान में रहते हो,

तुम से ही हर एक अर्चना होती है साकार,

तुम्हारा इस जग पे आभार करूं मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....

अमृत मंथन में रुप धरा, देवों में नव उत्साह भरा,

देवों में नव उत्साह भरा, देवों में नव उत्साह भरा,

तुम सृष्टि कार तुम पुण्य देव, तुम नारायण तुम सत्यमेव,

तुम नारायण तुम सत्यमेव, तुम नारायण तुम सत्यमेव,

सुख पावे वह प्राणी जो नित करता है सत्कार,

भगती की भक्ति का आधार करूं मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।