टूटे ना तेरी रहमतों का श्याम सिलसिला

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक दिन मेरी ये जिंदगी,

तेरे दर पे मुड़ गई,

टूटी हुई थी ख्वाहिशे,

एक पल में जुड़ गई,

पहली ही हाज़िरी का,

इतना दिया सिला,

टूटे ना तेरी रहमतों का,

श्याम सिलसिला,

सोचा नहीं जो ख्वाब में,

उतना हमें मिला,

टूटे ना तेरी रहमतों का,

श्याम सिलसिला,

सोचा नहीं......।

सेवा में जबसे आपने,

मुझको लगा लिया,

तेरी कृपा का हर घड़ी,

अहसास है किया,

मुझे जिंदगी से अब प्रभु,

रहा ना कोई गिला,

टूटे ना तेरी रहमतों का,

श्याम सिलसिला,

सोचा नहीं......।

आई जो मुश्किलें कभी,

प्रभु दूर हो गई,

गुमनाम सी ये जिंदगी,

मशहूर हो गई,

मुश्किल भरी डगर में भी,

विश्वास ना हिला,

टूटे ना तेरी रहमतों का,

श्याम सिलसिला,

सोचा नहीं......।

तेरे प्रेमियों में बस प्रभु,

मेरा भी नाम हो,

चरणों में आपके प्रभु,

जीवन की शाम हो,

रोमी को अपनी गोद में,

लेना प्रभु सुला,

टूटे ना तेरी रहमतों का,

श्याम सिलसिला,

सोचा नहीं जो ख़्वाब में,

उतना हमें मिला,

टूटे ना तेरी रहमतों का,

श्याम सिलसिला,

सोचा नही.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।