दुख सुख इस जीवन के दो पार्ट हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुख सुख इस जीवन के दो पार्ट हैं,

माना दुख लंबे सुख शॉर्ट है,

हंस कर मुसीबत जिसने झेली है,

प्रभु की नजरो में वो स्मार्ट है,

प्रभु की नजरो में वो स्मार्ट है।।

सुख को ही जो सब कुछ समझते है,

माया के चक्कर में वो फंसते है,

लाखो में होते है एक दो ऐसे,

संकट की घड़ियो में जो हँसते है,

मुस्किल में हसना ही तो आर्ट है,

तेरी नजरो में वो स्मार्ट है,

श्याम की नजरो में वो स्मार्ट है ।।

याद क्यू करता नही ऐ बावारे मन में,

राम थे भगवान दुख लखो सहे वन में,

टल नही सकता जो भी है जो होना,

मुस्कुराले चार पल और छोड़ दे रोना।।

परियो के ख्यालो में जा खोया,

बचपन में रोया और सोया,

अपनी साँसे देकर तेरी माँ ने,

ममता के धागे में पिरोया,

जीवन यही से आज स्टार्ट है

तेरी नजरो में वो स्मार्ट है,

श्याम की नजरो में वो स्मार्ट है ।।

रोना हंसा हो या पाना खोना,

कितने पल जागना है कब है सोना,

कुटिया में रहना है या महलो में,

पहले से लिखा है जो है होना,

श्याम ने, श्याम ने, श्याम ने,

श्याम ने बनाया सब का चार्ट है,

तेरी नज़ारो में वो स्मार्ट है।।

उलझाए बंधन जो उससे तोड़ दो,

खुद को बहती धारा में छोड़ दो,

केवल सुमिरन करले कन्हैया का,

दिल के तारो को इनसे जोड़ दे,

ये तो धड़के क्यो की हार्ट है,

तेरी नज़ारो में वो स्मार्ट है,

श्याम की नजरो में स्मार्ट है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।