आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा,

जय जय श्री श्याम बोलो जय जय श्री श्याम बोलो......

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा,

छोटे सी एक ध्वजा बना दे बाबा की,

बाबा के चरणों में चढ़ाके आऊंगा,

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा ॥

माँ मुझको है लगन लगी,

उस श्याम सलोने की,

मुझको ना दरकार किसी,

अब खेल खिलोने की,

बना दे खीर चूरमा भेट चढ़ाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा,

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा ॥

माँ लौरी के बदले में,

मुझे भजन सुनाया करो,

श्याम के हर पर्चे को तुम,

मुझको बतलाया करो,

भजनो से में श्यामधणीपुर जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा,

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा ॥

माँ मुझको अब दिल्ली की,

ना सैर कराया करो,

हर महीने ग्यारस मुझको,

खाटू ले जाया करो,

श्याम की सेवा को मैं कर्म बनाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा,

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा ॥

कलयुग में माँ श्यामधणी की महिमा न्यारी है,

हारे को ये गले लगाता लखदातारी है,

संग रसिक मैं बाबा के दर जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा,

आया मेला श्याम का खाटू जाऊंगा,

मम्मी क़र तैयार निशान उठाऊंगा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।