नैनं की मोहे मार क़टारि

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

नैनं की मोहे मार क़टारि,

जाने कहाँ गयो अवध बिहारी ॥

क्रीट मुकुट पीताम्बर सोहे,

माथे पे सोहे बांके लत घुँघराले,

नैनं की मोहे मार क़टारि ॥

अधर रसीले नयन कटीले

नैना चलाये गयाो रसिक बिहारी

नैनं की मोहे मार क़टारि ॥

मोह दुखिया पे तरस ना आवे,

जादु सो डार गयाो धनुधारी,

नैनं की मोहे मार क़टारि,

जाने कहाँ गयाो अवध बिहारी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।