मेरे ओ सांवरे तूने क्या क्या नहीं किया

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपनों की कहूँ, क्या मैं तुझसे प्रभु,

कौन अपना है ये, जानता है भी तू,

डाल मुझ पे नजर, तू मेरा हमसफर,

है ये जग को बता दिया,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया।

जब लगा मैं गिरा, थाम तूने लिया,

फिर दोबारा ना गिरने दिया,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया।।

जिसपे पड़ जाती है, श्याम तेरी नजर,

डगमगाती नहीं, कभी उसकी डगर.....-2

संकटों ने ना फिर, मुड़के उसकी तरफ,

रुख़ दोबारा कभी भी किया,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया......

मेरी है एक अर्ज, तुमसे ऐ सांवरे,

देना कुछ भी ना देना अहम सांवरे.....-2

गाऊं तेरे मैं गुण, हर जगह घूम घूम,

श्याम ने क्या से क्या कर दिया,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया,

जब लगा मैं गिरा, थाम तूने लिया,

फिर दोबारा ना गिरने दिया,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।