जब से खाटू आया

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से खाटू आया,

खाटू वाला बना मेरा,

अपने ना बने अपने,

अपने ना बनें अपने,

इसने पकड़ा हाथ मेरा,

जब से खाटू आया,

खाटू वाला बना मेरा।।

मुफलिस में जो सोचा था,

ये ना मिल पाएगा कभी,

मैं सोच के भूल गया,

इसने लिख ही लिया था तभी,

मेरी सोच बदल करके,

सपना किया पूरा मेरा,

जब से खाटू आया,

खाटू वाला बना मेरा।।

कभी खुद को मैं देखता हूँ,

कभी देखूँ दानी को,

निज हाथों से पौंछा,

मेरी अखियों के पानी को,

अखियां अब भी बरसे,

पर बदला भाव मेरा,

जब से खाटू आया,

खाटू वाला बना मेरा।।

सर उठा के जो जीना है,

दुनियां में अगर प्यारे,

खाटू जाकर देखो,

होंगे वारे न्यारे,

फिर सबको कहोगे तुम,

परिवार है ये मेरा,

जब से खाटू आया,

खाटू वाला बना मेरा।।

अपने ना बने अपने,

अपने ना बनें अपने,

इसने पकड़ा हाथ मेरा,

जब से खाटू आया,

खाटू वाला बना मेरा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।