श्याम राधा की दुनिया दीवानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक राधा और मेरे श्याम

जपता आया हूँ मैं खाटू धाम

इक राधा और मेरे श्याम

जपता आया हूँ में खाटू धाम

दोनों मिले तो बनी

दोनों मिले तो बनी, प्रेम कहानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी

दीवानी,दीवानी , दीवानी,दीवानी, दीवानी,दीवानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी.......

हो जब से देखा है तुमको कमाल हो गया,

जब से देखा है तुमको कमाल हो गया,

मैं तो खाटू में आके निहाल हो गया,

मैं तो खाटू में आके निहाल हो गया,

अपने बाबा से मिलके मालामाल हो गया,

अपने बाबा से मिलके मालामाल हो गया,

आओ मिलके के सुनाऊ ,

आओ मिलके के सुनाऊ मैं इनकी कहानी,

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी,

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी.......

ओ इनका प्रेम है अनोखा, ऐसा कोई नहीं दूजा,

इनका प्रेम है अनोखा, ऐसा कोई नहीं दूजा,

राधे श्याम की जोड़ी की, जग में होती है पूजा,

राधे श्याम की जोड़ी की, जग में होती है पूजा,

इनकी बंशी की धुन पर नाचे दुनिया सारी,

राधा भी हुई इनके प्रेम की दीवानी,

दीवानी,दीवानी , दीवानी,दीवानी, दीवानी,दीवानी,

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी,

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी......

इक राधा और मेरे श्याम

जपता आया हूँ मैं खाटू धाम

इक राधा और मेरे श्याम

जपता आया हूँ में खाटू धाम

दोनों मिले तो बनी

दोनों मिले तो बनी, प्रेम कहानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी

दीवानी,दीवानी , दीवानी,दीवानी, दीवानी,दीवानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी

मेरे श्याम राधा की है दुनिया दीवानी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।