बाबा ऐसी कर दे करामात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रहे मेरे सर पर तेरा हाथ रे,

तेरा हाथ रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे॥

दिन निकले से शाम ढले तक,

शाम ढले से दिन निकले तक.....-2

तुमको मैं हरपल करूँ याद रे,

याद रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

रहे मेरे सर पर तेरा हाथ रे,

तेरा हाथ रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे......

सुख भोगु या दुःख मैं झूलूं,

नाम तेरा मैं कभी ना भूलू.....-2

सारी उमर तू रहे साथ रे,

साथ रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

रहे मेरे सर पर तेरा हाथ रे,

तेरा हाथ रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे.......

जीभ करे गुणगान तुम्हारा,

रोज धरूँ मैं ध्यान तुम्हारा.....-2

सपनों में होती रहे बात रे,

बात रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

रहे मेरे सर पर तेरा हाथ रे,

तेरा हाथ रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे.......

गाए खत्री, लिखे अनाड़ी,

रहे नैनों में छवि तुम्हारी.......-2

इतनी सी मेरी फिरयाद रे,

फ़रियाद रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

रहे मेरे सर पर तेरा हाथ रे,

तेरा हाथ रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे,

बाबा ऐसी कर दे करामात रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।