जगदम्बे का जिसे दीदार हो गया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जगदम्बे का जिसे दीदार हो गया,

भवसिंधु से उसका बेड़ा पार हो गया।

जिस पे मैया की दया दृष्टि हो गई,

कतरे - कतरे से धनवान बना सरशार हो गया॥

भवसिंधु से उसका......

मेहर ओ कर्म का उसका कोई ना शुमार है,

बिगड़ी बनाई और उद्धार हो गया॥

भवसिंधु से उसका......

ध्यानु भगत से कई भगत पार हुए,

भक्ति की शक्ति से विख्यात हो गया॥

भवसिंधु से उसका...

खैरात मैया मेरी झोली में डालो,

मंगता भिखारी तेरे दर पे आ गया॥

भवसिंधु से उसका...

दीवाने को मैया चरणों में जगह दो,

मैने पा लिया है सब कुछ भवपार हो गया॥

भवसिंधु से उसका...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।