॥ पावन पाठ ॥
मेरे परम परमात्मा तुम बिन हमारा कौन है,
दुर्बलता, दीनता हरो बिगड़ी मेरी बना देना,
मेरे परम परमात्मा तुम बिन हमारा कौन है।
प्यासे की प्यास बुझा देना, अमृत मुझको पिला देना,
गिरते हुए को उठा देना, बिगड़ी मेरी बना देना,
मेरे परम परमात्मा......
माता भी तू ही, पिता भी तू ही, बंधु भी तू ही, सखा भी तू ही,
हम को तुम सहारा दे देना, बिगड़ी मेरी बना देना,
मेरे परम परमात्मा......
कर्ता भी तुम ही, भर्ता भी तुम ही, देवो के देव देवेश्वर तुम हो,
शरण में अपनी जगह देना, बिगड़ी मेरी बना देना,
मेरे परम परमात्मा......
गरीब की गरीबी मिटा देना, तंदुल का भोग लगा लेना,
मुझ सुदामा को दर्शन देना, बिगड़ी मेरी बना देना,
मेरे परम परमात्मा......