मेरे परम परमात्मा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे परम परमात्मा तुम बिन हमारा कौन है,

दुर्बलता, दीनता हरो बिगड़ी मेरी बना देना,

मेरे परम परमात्मा तुम बिन हमारा कौन है।

प्यासे की प्यास बुझा देना, अमृत मुझको पिला देना,

गिरते हुए को उठा देना, बिगड़ी मेरी बना देना,

मेरे परम परमात्मा......

माता भी तू ही, पिता भी तू ही, बंधु भी तू ही, सखा भी तू ही,

हम को तुम सहारा दे देना, बिगड़ी मेरी बना देना,

मेरे परम परमात्मा......

कर्ता भी तुम ही, भर्ता भी तुम ही, देवो के देव देवेश्वर तुम हो,

शरण में अपनी जगह देना, बिगड़ी मेरी बना देना,

मेरे परम परमात्मा......

गरीब की गरीबी मिटा देना, तंदुल का भोग लगा लेना,

मुझ सुदामा को दर्शन देना, बिगड़ी मेरी बना देना,

मेरे परम परमात्मा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।