श्याम रंगीले छैल छबीले

कुमार विशु
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम रंगीले, छैल छबीले,

हैं तेरे नैन नशीले,

होश उसे कैसे आए,

जो इन नैनों से पी ले,

तेरा रूप है निराला,

जादू जग पे है डाला।।

नीला तेरी, सवारी है,

तीन बाण का, धारी है,

सूरत पे तेरी बाबा,

जहाँ बलिहारी है,

श्याम सभी का, प्यारा तू,

हर हारे का, सहारा तू,

तूफा में नैया हो तो,

बनता किनारा तू,

ओ शीश दानी,

जबसे जानी है कहानी,

मैं बाबा तेरा हो गया दीवाना,

जब भी हँसू मैं, याद में तेरी,

नैन तभी हों गीले,

होश उसे कैसे आए जो,

इन नैनों से पी ले,

होश उसे कैसे आए,

जो इन नैनों से पी ले,

हो तेरा रूप है निराला,

जादू सब पे है डाला।

खाटू में, दरबार तेरा,

सबको मिलता, प्यार तेरा,

उसे तू संभाले बाबा,

जिसे एतबार तेरा,

जिसको तेरी, प्रीत मिलें,

उसे हमेशा, जीत मिले,

हारे वो कैसे जिसको,

तेरे जैसा मीत मिले,

मन में प्रेम लेके,

इक झलक जो तेरी देखे,

बाबा तू उसको अपना बना ले,

कर देते हैं जादू टोना,

मीठे बोल नैन रसीले,

होश उसे कैसे आए,

जो इन नैनों से पी ले,

तेरा रूप है निराला,

जादू सब पे है डाला।

सच्ची है, सरकार तेरी,

घर घर, जयकार तेरी,

है खाटू वाले बाबा,

महिमा अपार तेरी,

ओ श्याम मेरे, तेरा क्या कहना,

दास तेरा बनकर रहना,

तेरे प्रेम की गंगा में,

सदा है मुझे बहना,

ओ खाटू वाले, भोले भाले, मतवाले,

मुझे भी अपने रंग में रंगा ले,

जीना उसका जीना है जो,

तेरा बनके जी ले,

होश उसे कैसे आए,

जो इन नैनों से पी ले,

हो तेरा रूप है निराला,

जादू सब पे है डाला.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।