जादू कैसो है श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जादू कैसो है श्याम,

मोहे खेंच लियो जाए।

मेरे चल पड़े हैं कदम,

खुदबखुद तेरी ओर लिए जाए,

जादू कैसो है श्याम,

मोहे खेंच लियो जाए॥

वारी जाऊँ रे,

वारी वारी कान्हां तोपे,

तेरे मोर मुकुट पे कान्हां,

उस पर भी ओय ओय,

वो तेरा पलकों का झपकाना,

सारी उमरिया बिता दूँ,

के तुझको देखे के बाद कछु,

देख्यो नहीं जाय,

तुझको देखे के बाद कछु,

देख्यो नहीं जाय,

मेरे चल पड़े हैं कदम,

खुदबखुद तेरी ओर लिए जाए,

जादू कैसो है श्याम,

मोहे खेंच लियो जाए।

मेरा चैन चुराए रे,

तेरी बंसी हाय हाय,

घूंघर वाले बाल जो तेरे,

गालों पे लहराए,

काली कमलिया है,

काँधे पे तुझको,

तुझको देखे के बाद कछु,

देख्यो नहीं जाय,

तुझको देखे के बाद कछु,

देख्यो नहीं जाय,

मेरे चल पड़े हैं कदम,

खुदबखुद तेरी ओर लिए जाए,

जादू कैसो है श्याम,

मोहे खेंच लियो जाए।

वंदन वंदन रे,

तुझको कोटि कोटि है वंदन,

मेरा वंदन वंदन रे,

तुझको कोटि कोटि है वंदन,

सांवरिया गिरधारी नटवर,

नागर नन्द के नंदन,

लहरी कहे दिल से प्यारा,

तुझको देखे के बाद कछु,

देख्यो नहीं जाय,

तुझको देखे के बाद कछु,

देख्यो नहीं जाय,

मेरे चल पड़े हैं कदम,

खुदबखुद तेरी ओर लिए जाए,

जादू कैसो है श्याम,

मोहे खेंच लियो जाए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।