जय शिव शंकर रामेश्वर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रामेश्वर रामेश्वर रामेश्वर रामेश्वर

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर।

विचलित राम के मन को तुमने शांति दिलायी,

तुमने शांति दिलायी,

ब्राह्मण की हत्या से प्रभु को मुक्ति दिलायी,

प्रभु को मुक्ति दिलायी,

प्रभु को मुक्ति दिलायी,

हे मृत्युंजय भोलेनाथ गंगेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर।

सोमवार को प्रातःकाल में जो पूजा करता है,

जो पूजा करता है,

बिल्वपत्र शक्कर श्रद्धा से जो अर्पण करता है,

जो अर्पण करता है,

जो अर्पण करता है,

करते कामना पूरी नटेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर।

सुबह से पहले मैं प्रभु का सुमिरन करता हूँ,

प्रभु का सुमिरन करता हूँ,

श्रद्धा भाव से मन में उसका ध्यान धरता हूँ,

उसका ध्यान धरता हूँ,

उसका ध्यान धरता हूँ,

धनुष कोटि के स्वामी रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय शिव शंकर रामेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर,

जय पार्वती परमेश्वर।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।