दोनो की सूरत प्यारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाहे हो राम दीवानी, चाहे हो श्याम दीवानी,

दोनो की सूरत प्यारी, दोनो की मूरत प्यारी॥

शबरी ने राह निहारा, मीरा ने पीया जहर,

दोनो ही थी दीवानी, दोनो ही थी मस्तानी

दोनो की सच्ची कहानी, दोनो की सूरत प्यारी.......

कर्मा ने भोग लगाया, कुब्जा ने तिलक लगाया,

कर्मा थी कर्मों वाली, कुब्जा थी भाग्यशाली,

दोनो ही प्रेम दीवानी, दोनो की सूरत प्यारी.......

धन्ना ने दर्शन पाया, अर्जुन ने ज्ञान पाया,

दोनो ही वो ज्ञानी, दोनो ही थे अभिमानी,

दोनो ने मार्ग पाया, दोनो की सूरत प्यारी.......

हनुमंत बूटी लाए, सुदामा तंदुल लाए,

दोनो ही थे दीवाने, भक्तों के चाहने वाले,

दोनो थे भगवन प्यारे, दोनो की सूरत प्यारी.......

केवट ने पार लगाया, ऊधो संदेशा लाया,

दोनो ने गीत गाया, दोनो ने यश पाया

दोनो ही थे मतवाले, दोनो की सूरत प्यारी.......

सीता ने राम को पाया, राधा ने श्याम को पाया,

भक्तो ने सब कुछ पाया, दोनो की सूरत प्यारी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।