राधिका ओ मोहना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधिका ओ मोहना तेरी जोड़ी पे हम मुग्ध हो गए.....-2

माथे पर बिंदिया है, बालो में चंदा है ,

ओ राधिका ओ मोहना, बिंदिया चंदा पे हम सब मग्न हो गये......-2

ओ मोहना.....

मुखड़े पर नथनी है, कानों में कुंडल है,

ओ राधिका ओ मोहना, नथनी कुंडल पे हम सब मग्न हो गये......-2

ओ मोहना.....

कमर पे तगड़ी है, कंधे पर कमली है,

ओ राधिका ओ मोहना, तगड़ी कमली पे हम मग्न हो गये......-2

ओ मोहना.....

पैरों में पायल है चरणों में संगत है,

ओ राधिका ओ मोहना, तुम्हरे चरणों में हम सब मग्न हो गये......-2

ओ मोहना.....

मंदिर में जोड़ी है मूरत में जोड़ी है,

ओ राधिका ओ मोहना, तेरी जोड़ी पे हम मग्न हो गये......-2

ओ मोहना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।