प्यार ही है धर्म कहा तूने

पारंपरिक
सूर्य देव भजन साईं भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

प्यार ही है धर्म कहा तूने,

देदो मुझे अपने गम कहा तूने,

कहा तूने साई तूने,

प्यार ही है धर्म कहा तूने,

देदो मुझे अपने गम कहा तूने।

तू ज़मीं साई, आसमां है तू,

सूर्य दिन रैना, चंद्रमा है तू,

सूर्य दिन रैना, चन्द्रमा है तू,

माया तो है भरम कहा तूने,

प्यार ही है धर्म कहा तूने,

देदो मुझे अपने गम कहा तूने।

प्यार ही है धर्म कहा तूने,

देदो मुझे अपने गम कहा तूने,

कहा तूने साई तूने,

प्यार ही है धर्म कहा तूने,

देदो मुझे अपने गम कहा तूने।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।