सुबह तू नीसीदिन जया कर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुबह सुबह तू नीसीदिन जया कर, शिव के मंदिर,

सुबह सुबह तू उठ कर नीसीदिन शिव के मंदिर जया कर,

शिव के मंदिर जया कर, शिव के मंदिर जया कर,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बनेंगे बिगड़े कम,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बन जाएँगे सारे कम,

शिव भजणामृत पीने वाला जाग मेी अमर हो जाए,

जाग मेी अमर हो जाए, जाग मेी अमर हो जाए,

महाकाल के भक्तो को तो काल का भय ना सताए,

काल का भय ना सताए, काल का भय ना सताए,

शिव भजणामृत पीने वाला जाग मेी अमर हो जाए,

महाकाल के भक्तो को तो काल का भय ना सताए,

शिव भक्ति के जल मेी लगा ले गोते सुबह शाम,

लगा ले गोते सुबह शाम, लगा ले गोते सुबह शाम,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बनेंगे बिगड़े कम,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बन जाएँगे सारे कम,

शिव सुमिरन बिन मुक्त ना होगा जनमो के बंधन से,

जनमो के बंधन से, जनमो के बंधन से,

मोक्ष तुझे दे देंगे संभू ध्यान लगा ले मान से,

ध्यान लगा ले मान से, ध्यान लगा ले मान से,

शिव सुमिरन बिन मुक्त ना होगा जनमो के बंधन से,

मोक्ष तुझे दे देंगे संभू ध्यान लगा ले मान से,

कम करेंगे शिव अपना तू किए जा बंदे अपना काम,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बनेंगे बिगड़े कम,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बन जाएँगे सारे कम,

अनुराधा के जैसे तू जिस दिन शिव का हो जाएगा,

जिस दिन शिव का हो जाएगा, जिस दिन शिव का हो जाएगा,

मिल जाएँगे शिव तुझको जब तू शिव मेी खो जाएगा,

तू शिव मेी खो जाएगा, तू शिव मेी खो जाएगा,

अनुराधा के जैसे तू जिस दिन शिव का हो जाएगा,

तेरी आत्मा बन जाएगी अविनाशी का पवन धाम,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बनेंगे बिगड़े कम,

सुबह सुबह तू नीसीदिन जया कर, शिव के मंदिर,

सुबह सुबह तू उठ कर नीसीदिन शिव के मंदिर जया कर,

शिव के मंदिर जया कर, शिव के मंदिर जया कर,

जब जपेगा शिव का नाम तेरे बनेंगे बिगड़े कम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।