कदे पाया ना संगत वल फेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कदे पाया ना संगत वल फेरा,

एडा किहड़ा कम पै गया॥

शामा वे एडा किहड़ा कम पै गया,

कदे पाया ना संगत वल फेरा,

एडा किहड़ा कम पै गया।

मैं सुनिया शामा बनिया वकील ए,

कदे किता ना फैसला मेरा,

एडा किहड़ा कम पै गया.......

मैं सुनिया शामा बनिया ललारी,

कदे रंगिया ना चोला मेरा,

एडा किहड़ा कम पै गया..........

मैं सुनिया श्याम चानन करदे,

मेरे घर विच घोर अंधेरा,

एडा किहड़ा कम पै गया........

मैं सुनिया श्याम बड़े दयालु,

कदे सुनिया ना दुखड़ा मेरा,

एडा किहड़ा कम पै गया..........

मैं सुनिया श्याम डूबिया नू तारदे,

मेरा डगमग डोले बेड़ा,

एडा किहड़ा कम पै गया..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।