माँ अम्बे तकदीर बदलेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले,

माँ अम्बे तकदीर बदलेगी

हाथों की तेरे लकीर बदलेगी

माँ अम्बे तकदीर बदलेगी

हाथों की तेरे लकीर बदलेगी

खुशियों से दामन भर ले

आ खुशियों से दामन भर ले

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले.........

मैया के भरोसे चमके,

सूरज चंदा गगन में,

मैया की कृपा से खिलते,

देखो ये फूल चमन मे,

कोई बात वो मन पड़ ले,

बिन बोले संकट हर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले........

ध्यानू ने भरोसा किया,

माता ज्वाला रानी पे,

माँ ने आच आने दी,

उसके जिंदगानी पे,

तू भी माँ का नाम सुमीर ले,

माँ से भक्ति का ये वर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले........

मैया पे भरोसा,

तारा रानी ने दिखाया था,

कट चूका लाल माँ ने जिन्दा लौटाया था,

चरणों में मस्तक धर ले,

तू भाव सागर से तर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले.......

माँ के भरोसे पर ही,

मेरा परिवार चहके,

माँ के भरोसे पर ही,

मेरा परिवार चहके,

उसकी कृपा से संजय,

गुलशन ये मेरा महके,

उसकी कृपा से संजय,

गुलशन ये मेरा महके,

रख धीरज मन तू सबर ले,

मैया पल पल की खबर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले,

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले........

माँ अम्बे तकदीर बदलेगी

हाथों की तेरे लकीर बदलेगी

खुशियों से दामन भर ले

आ खुशियों से दामन भर ले

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले

कर ले कर ले भरोसा कर ले कर ले.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।