गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है, भूलूँ ना मैं नाम कभी तुम्हारा,

निष्काम होके दिन रात गाऊँ, गोविन्द दामोदर माधवेति,

गोविन्द दामोदर माधवेति, हे कृष्ण हे यादव हे सखेति……..

प्यारे ज़रा तो मन में विचारो, क्या साथ लाए क्या ले चलोगे,

साथी ना कोई हरि को पुकारो, गोविन्द दामोदर माधवेति,

गोविन्द दामोदर माधवेति, हे कृष्ण हे यादव हे सखेति……..

नाता भला क्या जग से हमारा, आए यहाँ क्यूँ क्या कर रहे हो,

सोचो विचारो हरि को पुकारो, गोविन्द दामोदर माधवेति,

गोविन्द दामोदर माधवेति, हे कृष्ण हे यादव हे सखेति……..

देहान्त काले तुम सामने हो, बंसी बजाते मन को लुभाते,

कहता यही मैं तन नाथ त्यागूँ, गोविन्द दामोदर माधवेति,

गोविन्द दामोदर माधवेति, हे कृष्ण हे यादव हे सखेति………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।