आली मोहे लागे वृन्दावन नीको

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको।

घर घर तुलसी ठाकुर सेवा,

दर्शन गोविन्द जी को,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको।।

निर्मल नीर बहे जमुना को,

भोजन दूध दही को,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको।।

कुंजन कुंजन फिरत राधिका,

शबद सुनत मुरली को,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको।।

रतन सिंघासन आप विराजे,

मुकुट धरो तुलसी को,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको।।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

भजन बिना नरभी को,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको।।

घर घर तुलसी ठाकुर सेवा,

दर्शन गोविन्द जी को,

आली मोहे लागे वृन्दावन नीको.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।