अपने आचँल की छैयां मे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अपने आचँल की छैयां मे जब तु मुझे सुलाया कर,

माँ लोरी की जगह वैष्णो माँ की भेट सुनाया कर॥

जय माता दी बोलके मुझको सुबह तू रोज जगाया कर,

माँ लोरी की जगह माँ वैष्णो की भेट सुनाया कर॥

जय जय माँ जय जय माँ,

जय जय माँ जय जय माँ.....

बहुत सुनाये तुने मुझको किस्से राजा रानी के,

याद कराया कर निसदिन तू नाम आद भवानी के,

याद कराया कर निसदिन तू नाम आद भवानी के,

कौन था ध्यानु कैसे उसने माँ का ध्यान लगाया था,

शीश की भेट चढाकर उसने माँ से क्या वर पाया था,

शीश की भेट चढाकर उसने माँ से क्या वर पाया था,

गोदी मे बिठलाकर मुझको...हे माँ

गोदी मे बिठलाकर मुझको ये बाते समझाया कर,

माँ लोरी की जगह वैष्णो माँ की भेट सुनाया कर॥

जय जय माँ जय जय माँ,

जय जय माँ जय जय माँ.....

सच कहता हुँ ना मांगुगा तुझसे कोई खिलौना माँ,

एक बार दिखला दो मुझको माँ का भवन सलौना माँ,

एक बार दिखला दो मुझको माँ का भवन सलौना माँ,

सारे जग को माँ के दर पर जाने को जी करता है,

अम्बे मैया के दर्शन पाने को जी करता है,

अम्बे मैया के दर्शन पाने को जी करता है,

अपने बेटे का कहना माँ...ओ माँ

अपने बेटे का कहना माँ कभी तो मान जाया कर,

माँ लोरी की जगह वैष्णो माँ की भेट सुनाया कर॥

थाम ले मेरा हाथ प्यार से माँ तु अपने हाथो मे,

ले जाया कर साथ मुझे माँ माता के जगरातो में,

ले जाया कर साथ मुझे माँ माता के जगरातो में,

हंसवाहिनी सरस्वती माँ लक्ष्मी और महाकाली,

वास करे उस जगह जहाँ जगती है ज्योतनिराली,

वास करे उस जगह जहाँ जगती है ज्योत निराली,

जहाँ जगे ये ज्योत वहां...ओ माँ

जहाँ जगे ये ज्योत वहां मात्था मुझे टिकाया कर,

माँ लोरी की जगह वैष्णो माँ की भेट सुनाया कर॥

जय जय माँ जय जय माँ,

जय जय माँ जय जय माँ.....

अपने आचँल की छैयां मे जब तु मुझे सुलाया कर,

माँ लोरी की जगह वैष्णो माँ की भेट सुनाया कर,

जय माता दी बोलके मुझको सुबह तू रोज जगाया कर,

माँ लोरी की जगह माँ वैष्णो की भेट सुनाया कर,

माँ की भेट सुनाया कर,

माँ की भेट सुनाया कर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।