राम और लक्ष्मण दशरथ के बेटे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम और लक्ष्मण दशरथ के बेटे,

दोन्यूं बण ठण जाय,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

एक बण चाले दो बण चाले,

तीजे में लग आई प्यास,

हेजी कोई राम मिले भगवान,

छोटा सा छोरा गऊ चरावै,

पाणी तो प्याओ नंदलाल

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

ना अड़े कुआँ ना अड़े जोहड़,

ना आडै सरवर ताल,

हेजी कोई राम मिलै भगवान

हर के घर त उठी बदलिया,

बरस रही झड़ लाय,

हेजी कोई राम मिलै भगवान।

भर गए कुएँ भर गए जोहड़,

भर गए सरवर ताल,

हेजी कोई राम मिलै भगवान

भर के लौटा पाणी का ल्याया,

पियो तो श्री भगवान,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

तेरा पाणी हम जब पीवांगे,

नाम बताओ मायड़ बाप,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

पिता अपणे का नाम ना जानूँ

सीता से माहरी माँ,

हेजी कोई राम मिलै भगवान।

चल भाई लड़के उस नगरी में,

जित थारी सीता माँ,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

खड़ी खड़ी सीता केस सुखावै,

हरे रूख की छाँव,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

ढक ले री माता इन केसा ने,

बाहर खड़े श्री राम,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

उस माणस का मुखड़ा ना देखूं,

जीवति न दिया वणवास,

हेजी कोई राम मिलै भगवान।

पाट गयी धरती समा गयी सीता,

खड़े लखावै श्री राम,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

भाज लुख के ने चोटा पकड्या,

चोटें में हरी हरी डाब,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

राम की माया राम ही जाणै,

भज ल्यो सीता राम,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

राम की माया राम ही जाणै,

भज ल्यो सीता राम

हेजी कोई राम मिलै भगवान

राम की माया राम ही जाणै

भज ल्यो सीता राम,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

भज ल्यो सीता राम,

हेजी कोई राम मिलै भगवान,

भज ल्यो सीता राम,

हेजी कोई राम मिलै भगवान॥

राम राम सीता राम,

राम राम सीता राम........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।