जय जय जय बजरंगबली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय बजरंगबली,

जो भी दिल से पुकारे तुमको....-2

उसकी विपदा पल मे टली

जय जय जय बजरंगबली ।

लक्ष्मण के थे प्राण बचाए,

पर्वत हथेली पर ले आए,

ऐसी बूटी दी लक्ष्मण को,

खिल उठी जीवन की कली,

जय जय जय बजरंगबली ॥

रामजी ने संदेशा भिजवाया,

सीता माँ को यकीन ना आया,

तब हनुमान ने राम अंगूठी,

सीता मां की रख दी तली,

जय जय जय बजरंगबली ॥

सेना ने पूंछ में आग लगाई,

सब सोने की लंका जलाई,

देखते देखते ही पल भर में,

सब सोने की लंका जली,

जय जय जय बजरंगबली ॥

हनुमत जो कोई तुम्हे धयाता,

उसके दुख कभी निकट ना आता,

कहता है संदीप जलंधरी,

करते हो तुम सबकी भली,

जय जय जय बजरंगबली ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।