चाले नहीं जोर श्याम तेरे आगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाले नहीं जोर, श्याम तेरे आगे

चाले नहीं ज़ोर, श्याम तेरे आगे,

आया हाँ म्हे कर पे, भगतां के सागै,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै,

चाले नहीं जोर, श्याम तेरे आगे

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै.....

तू जाने जो दिल की मेरी,

मैं भी जानु तेरी,

है पुरानी यारी श्याम,

श्याम तेरी और मेरी,

भगता बिन मन नहीं तेरो लागे,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै।

पहल्यां थाने भातो खीर चूरमो,

इब के थारे हो ग्यो,

सेठा के चक्कर में लागे,

बाबा तू भी फँस ग्यो,

ये माया का पुजारी,

आगे पीछे भागे,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै।

म्हे तो थारा दीवाना बाबा,

तू भी है दीवानो,

दीवाना भगता के घर में,

थाने तो है आणों,

टीकम थारी याद में,

सारी रातां जागे,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै,

आया हाँ म्हे दर पे, भगतां के सागै।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।