श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय श्याम, श्री श्याम,

श्याम श्याम, मेरे श्याम,

श्याम, बाबा श्याम।

क्या माँगू जी मैं क्या माँगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या माँगू,

क्या माँगू जी मैं क्या माँगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू।

इतना दिया है तुमने मुझको झोली नहीं समाई,

जैसा जब भी मन में आये तू वैसा कर जाए,

इच्छाएं तो सांवरे लहरें सिंधु की,

प्यासी रहती है सदा एक और बिंदु की,

अरब मांगू या खरब मांगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू,

क्या माँगू जी मैं क्या माँगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू......

साँची दौलत देकर बाबा जीवन मेरा सजा दे,

जिस में भला हो मेरा भगवन ऐसा काम पटा दे,

भजनो की तो सांवरे माला दे मुझे,

अपने सच्चे प्रेमियों की सेवा दे मुझे,

घर मांगू या मैं दर मांगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू,

क्या माँगू जी मैं क्या माँगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू......

अज्ञानी हूँ मूरख हूँ मैं तू ही पाठ पढ़ा दे,

मरे सर पर प्यार से बाबा अपना हाथ फिरा दे,

पीड़ा मन में ना रहे ऐसा दे वचन,

बगिया नंदू भक्तों की कर दे प्रभु चमन,

फूल मांगू या बहार मांगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू,

क्या माँगू जी मैं क्या माँगू,

श्याम प्रभु तुमसे क्या मांगू......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।