रमक झमक कर आवो गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

रमक झमक कर आवो गजानन।

रमक-झमक कर आवो गजानन॥

आप भी आवो देवा रिद्धि सिद्धि लावो॥

सभा में रंग बरसावो गजानन,

रमक-झमक कर आवो गजानन॥

सूंड सूंडालो बाबो दुंद दूंदालो॥

मोदक भोग लगावो गजानन,

रमक-झमक कर आवो गजानन॥

पारवती के देवा पुत्र कहावो॥,

शिवजी के राज दुलारे गजानन,

रमक-झमक कर आवो गजानन॥

शीश पे थारे मुकुट विराजे,

गले पुष्पन की माला गजानन,

रमक-झमक कर आवो गजानन

राम और लक्ष्मण थाने निशदिन ध्यावे,

चरणों में शीश नवावे गजानन,

रमक झमक कर आवो गजानन॥

लिखने वाला - Chandu Singh Gaur, Bikaner

Phone no.8608095434

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।