तुम रूठी रहो मैं मनाता रहु

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तुम रूठी रहो मैं मनाता रहूँ

माँ मनाने में बड़ा मजा आता हैं॥

तुम चंदन बनो हम पानी बनें,

घुल जाने में बड़ा मज़ा आता है....-2

तुम रूठी रहो....

तुम दीपक बनो हम बाती बनें ,

लौ लगाने में बड़ा मज़ा आता है....-2

तुम रूठी रहो......

तुम सागर बनो हम लहरें बनें,

डूब जाने में बड़ा मज़ा आता है....-2

तुम रूठी रहो......

तुम सुनती रहो हम सुनाते रहें,

मैया गाने में बड़ा मज़ा आता है.....-2

तुम रूठी रहो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।