चलते चलते जीवन बीता

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलते चलते जीवन बीता,

मुझे देर हुई है आने में,

चलते चलते जीवन बीता,

मुझे देर हुई है आने में,

अब कृपा करो राधे रानी,

आया तेरे बरसाने में,

चलते चलते जीवन बीता......

आराम नहीं मिलता दिल को,

बेचैन हुआ मैं फिरता हूँ.....-2

विरह की आग लगी दिल में,

मैं आग बुझाने आया हूँ,

चलते चलते जीवन बीता।

दुनिया के खेल तमाशे में,

कभी जीत हुई, कभी हार हुई.....-2

अरमान सभी टूटे दिल के,

दिल लगता नहीं जमाने में,

चलते चलते जीवन बीता।

आनंद मिला मेरे मन को,

राधे तेरे बरसाने में....-2

श्यामा इस मधुर सरोवर में,

आया हूँ आज नहाने मैं,

चलते चलते जीवन बीता,

मुझे देर हुई है आने में,

चलते चलते जीवन बीता.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।