मैया दी ज्योत जगा लै

मास्टर सलीम
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पर्दे ना पा अरजा सुना, दर माँ दे आ भुला भक्शा,

मैया दी ज्योत जगा लै, आपने तू भाग जगा लै,

मैया दी ज्योत जगा लै, आपने तू भाग जगा लै....

मन मंदर विच ज्योत जगा लै, मिट जाये अंध्कार तेरा

मिट जाये अंध्कार तेरा, मिट जाये अंध्कार तेरा

मैया नाम च रंगया जा तू, उड़ जाये हंकार तेरा

उड़ जाये हंकार तेरा, उड़ जाये हंकार तेरा

कंजका मना चरणी हाथ ला, दर माँ दे आ भुल्ला भक्शा,

मैया दी ज्योत जगा लै, आपने तू भाग जगा लै......

ज्योतावाली ज्वाला देवी देवे तेरे कष्ट मिटा

देवे तेरे कष्ट मिटा, देवे तेरे कष्ट मिटा

ज्योत जगा के भवन सजा के, खुद वी चरना ते डीगजा

खुद वी चरना ते डीगजा, खुद वी चरना ते डीगजा

तरले वी पा दामन फैला, दर माँ दे आ भुला भक्शा

मैया दी ज्योत जगा लै, आपने तू भाग जगा लै......

पूरन भगत पुराना माँ दा, झुक्या रहन्दा दर ते आ,

झुक्या रहन्दा दर ते आ, झुक्या रहन्दा दर ते आ,

गाउँदा रहे सलीम द्वारे, तू भी मईया दे गुण गा

तू भी मैया दे गुण गा, तू भी मैया दे गुण गा

हस्ती मिटा मिट जा भगता, दर माँ दे आ भुला भक्शा

मैया दी ज्योत जगा लै आपने तू भाग जगा लै......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।