नीला घोड़ा लाल लगाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नीला घोड़ा लाल लगाम,

उस पर बैठा बाबा श्याम,

मेरा हितकारी तीन बाण धारी,

यही तो बनाए मेरे काम,

नीला घोड़ा लाल लगाम.....

हर सपना सच होता यहां पे देखा है,

सुख में बदले दुख वाली हर रेखा है....-2

चाहे आज़मालो श्याम के कर्म से ही,

दूर होती मुश्किलें तमाम,

नीला घोड़ा लाल लगाम.....

क्या लिखूं क्या गाऊं इसकी शान में,

इसका तो चर्चा सारे जहान में....-2

दर पे जो भी आता मेरे सांवरे का,

रह जाता बन के गुलाम,

नीला घोड़ा लाल लगाम ....

जो नज़रें कर लेती हैं दीदार इसका,

दूजा कोई उन आंखों में ना टिकता....-2

सारे नज़ारे फिर लागे फीके,

प्यारा लगे बस खाटू धाम,

नीला घोड़ा लाल लगाम,

उस पर बैठा बाबा श्याम,

मेरा हितकारी तीन बाण धारी,

यही तो बनाए मेरे काम,

नीला घोड़ा लाल लगाम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।