थारी हो रही जय जय कार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

थारो सुंदर रूप सलोना, तेरी देख छबि दिल भरे ना,

तू है जादूगर सरकार, थारी हो रही जय जय कार,

म्हारो सालासर सरकार, थारी हो रही जय जय कार ॥

मुकुट तेरे की शोभा न्यारी, नैनों में कजरा साजे,

मुख तेरे पे रंग सिंधूरी, सभी के मन को भाये,

तू है खुशियों भरा खजाना, मन हो जाये मस्ताना,

थाने देखे जो इक बार, थारी हो रही जय जय कार,

म्हारो सालासर सरकार, थारी हो रही जय जय कार......

रतन जड़ित श्रृंगार तेरा, थारे पाँव पैजनिया बाजे,

कानन कुण्डल तिलक विशाला, मुख में बीड़ा साजे,

है ये अभिलाषा मन में, बस जाओ इन अखियन में,

बाबा दर्शन दो इक बार, थारी हो रही जय जय कार,

म्हारो सालासर सरकार, थारी हो रही जय जय कार......

भगतन के संकट सब हरते, श्री राम के काज संवारे,

मेहंदीपुर में ठाठ बड़े हैं, पिशाच निकट नहीं आवे,

म्हारो सालासर खिवैया, म्हारी पार लगादो नईया,

अब तुम्ही खेवनहार, थारी हो रही जय जय कार,

म्हारो सालासर सरकार, थारी हो रही जय जय कार......

'ठाकुर' तेरो रसिक पुरानो, चाहूं चरणन की सेवा,

कृपा दृष्टि बना के रखियो, छूट ना जाये सेवा,

बस आखिरी है ये आशा, तेरी दीद का हूँ मैं प्यासा,

म्हारी विनय मानो सरकार, थारी हो रही जय जय कार,

थारो सुंदर रूप सलोना, तेरी देख छबि दिल भरे ना,

तू है जादूगर सरकार, थारी हो रही जय जय कार.....

जय बजरंगी जय हनुमान जय बजरंगी जय हनुमान

जय बजरंगी जय हनुमान जय बजरंगी जय हनुमान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।