पधारो श्री गणेश

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन की तैयारी पधारो श्री गणेश,

उमापति ना जाया भजनों का दो आदेश,

कीर्तन की तैयारी पधारो श्री गणेश,

उमापति ना जाया भजनों का दो आदेश॥

माता गौरी के आंख के तारे,

शिव शम्भू के बप्पा राजदुलारे,

करता हु मैं विनती मेरे काटो सकल क्लेश,

उमापति ना जाया भजनों का दो आदेश,

कीर्तन की तैयारी....

दिन भर काम मे तन को लगाया,

अब जाके मन मे मेरे भाव ये आया,

गुण जो दिए है तुमने, उसका में करू निवेश,

उमापति ना जाया भजनों का दो आदेश,

कीर्तन की तैयारी....

मूसे पे सवार होकर आओ गणराजा,

देखो द्वारे पे तेरे बाजे ढोल बाजा,

मनीष पे बरसे कृपा, मेरे कण्ठे करो प्रवेश,

उमापति ना जाया भजनों का दो आदेश,

कीर्तन की तैयारी पधारो श्री गणेश,

उमापति ना जाया भजनों का दो आदेश.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।