ना मांगु मै तुमसे कुछ भी मांगु तेरा प्यार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ना मांगु मै तुमसे कुछ भी मांगु तेरा प्यार,

मेरा जन्मदिन है मेरी मईया ले चल अपने द्वार,

मै दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहाँ मनाऊंगा॥

ना मांगु मै तुमसे कुछ भी मांगु तेरा प्यार,

मेरा जन्मदिन है मेरी मईया ले चल अपने द्वार,

मै दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहाँ मनाऊंगा........

नहीं जलानी मोमबत्ती मुझे माँ की ज्योत जलानी है,

मै भी माँ का लाल बनूंगा मैंने मन मे ठानी है.....-2

मेरी बाते सुनकर मईया ना करना इनकार,

मेरा जन्मदिन है मेरी मईया ले चल अपने द्वार,

मै दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहाँ मनाऊंगा.....

नहीं चहिए मुझको कुछ मे कजंके यहाँ बिठाऊँगा,

छोटी छोटी कजंको को हलवे का भोग लगाऊँगा....-2

मिल जाएगा मुझको भी जगजननी का दीदार,

मेरा जन्मदिन है मेरी मईया ले चल अपने द्वार,

मै दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहाँ मनाऊंगा.....

मेरी मईया प्यारी मईया सारे जग से न्यारी है,

सच्चे मन से जो भी मांगो देती खुशियां सारी है....-2

त्रिलोकी की स्वामी चचंल जग की पालनहार,

मेरा जन्मदिन है मेरी मईया ले चल अपने द्वार,

मै दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहाँ मनाऊंगा,

ना मांगु मै तुमसे कुछ भी मांगु तेरा प्यार,

मेरा जन्मदिन है मेरी मईया ले चल अपने द्वार,

मै दरबार जाऊंगा जन्मदिन वहाँ मनाऊंगा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।