श्याम सांवरा मेरे घर आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना खाटू जाता था,

ना कीर्तन करता था,

ना ज्योत जलाता था,

ना भजन सुनाता था,

बातें बनाता था,

हर ग़म छुपाता था

ना मुस्कुराता था,

दुनिया से हारा था।।

श्याम सांवरा, श्याम सांवरा,

श्याम सांवरा, मेरे घर आ गया,

आने से उसके, घर रौशन हो गया

श्याम सांवरा,

आ गया-आ गया, सांवरा आ गया

मेरा बाबा शीश का दानी,

सांवरा आ गया.....

जो ना हुआ है वो अब हो रहा है,

कभी जो ना सोचा वो सब हो रहा है.....-2

बाबा को मैंने भी जी भर के देखा,

बदलने लगी मेरे हाथों की रेखा,

अब मैं तुम्हे और क्या क्या बताऊँ,

कैसे कहूं इसने क्या क्या दिया,

श्याम सांवरा, मेरे घर आ गया,

आने से उसके, घर रौशन हो गया

श्याम सांवरा,

आ गया-आ गया, सांवरा आ गया

मेरा बाबा शीश का दानी,

सांवरा आ गया.....

कोई कमी हो मुझे माफ़ करना,

गलती को मेरी ना तुम ध्यान धरना.....-2

आते रहो बाबा तुम घर मेरे,

सेवा करूँ तेरी आठों पहर में,

चरणों की सेवा में नागर को रखना,

दरबार तेरा मुझे भा गया,

श्याम सांवरा, मेरे घर आ गया,

आने से उसके, घर रौशन हो गया

श्याम सांवरा,

आ गया-आ गया, सांवरा आ गया

मेरा बाबा शीश का दानी,

सांवरा आ गया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।