काहे जन्म गवांये माँ के नाम के बिना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

काहे जन्म गवांये माँ के नाम के बिना,

तेरा कोई ना सहारा माँ के नाम के बिना॥

काहे जन्म गवांये.......

बीता वक्त कभी ना तेरे हाथ आयेगा,

करके लाख यत्न प्यारे पछतायेगा,

कोई ना सकंट मिटाये माँ के नाम के बिना,

काहे जन्म गवांये.......

अन्त समय ना कोई तेरे साथ जायेगा,

खाली हाथ आया प्यारे खाली हाथ जायेगा,

कोई ना साथ निभाये माँ के नाम के बिना,

तेरा कोई ना सहारा माँ के नाम के बिना,

काहे जन्म गवांये माँ के नाम के बिना,

काहे जन्म गवांये माँ के नाम के बिना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।