अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सेवक की अर्जी इतनी,

मर्जी अपनी कर दीज्यो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो।।

खाटू में घर मेरा होगा,

नित होंगे दर्शन तेरे साँवरे,

मुझपे रहेगी हरदम,

दाता तेरे चरणों की छाँव रे,

संग संग रहेंगे हरपल,

रंग में अपने रंग दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो।।

सेवक बनाना मुझको,

साँवरिया तेरे दरबार का,

नित की सजाऊँगा और,

पाऊंगा दर्शन सरकार का,

जन्मों से प्यासी अखियाँ,

तृप्ति इनकी कर दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो।।

चाहे बनाना पंछी,

चाहे बनाना पेड़ फूल रे,

मुझको मिले बस बाबा,

खाटू नगरीया की धुल रे,

खाटू की माटी मेरे,

भाग्य में लिख दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो।।

जब जब लगेगा मेला,

खाटू में बाबा तेरे नाम का,

सत्य संग नाचूँगा मैं,

बनके दीवाना श्याम नाम का,

ख़्वाब करोगे पूरा,

वादा आज कर लीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो,

अगला जन्म मोहे खाटू में दीजो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।