मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं जाना मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां,

मैं जाना मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां,

काली लक्ष्मी सरस्वती माँ पिण्डीया विच समाईया,

मै जाना मै जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां.......

आदिशक्ति ने लाया ऐ पहाड़ा दे विच डेरा,

पहाड़ा दे विच डेरा, पहाड़ा दे विच डेरा,

आके करेया अम्बे माँ ने गुफा दे विच वसेरा,

तीनो हो गईयां ईक फेर वैष्णो माँ कहाईयां,

मैं जाना मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां.....

पहाड़ा दे विच रौणक लाई चरणां दे विच गंगा माई,

हर पासे है नाम माँ तेरा वैष्णो माई वैष्णों माई,

स्वर्गा दे ऐ सुख माँवा धरती दे लैके आईयां,

मैं जाना मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां.....

जगंला दे विच लगदे मेले गुँज रहे जयकारे माँ,

गुँज रहे जयकारे माँ, गुँज रहे जयकारे माँ,

नचदे गाँदे भगत ने आउंदे माँ दे दर ते प्यारे,

माँ दे दर ते प्यारे, माँ दे दर ते प्यारे,

चढ़के पौड़ी द्वार दिया माँ खुशीयां सबने पाईयां,

मैं जाना मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां.....

भगत दीयां माँ सुन लै अर्जा,

चरणां कोल बिठा के माँ,

दे दर्शन तू मैया सांनु गुफा दे बाहर माँ आ के,

बच्चड़े हाँ माँ तेरे ताईओ दर ते हाज़री लाइआ,

मैं जाना मैं जाना ऐ ओदर जेडे दर तीन माईयां,

काली लक्ष्मी सरस्वती माँ पिण्डीया विच समाईया,

मैं जाना मैं जाना ऐ ओ दर जेडे दर तीन माईयां......

जय हो मेरी माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।