तेरे बिना मेरे बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिना मेरे बाला जी इस जग में कौन सहारा,

मनय मतना गेरय नयारा ,मनय मतना गेरय नयारा ॥

रोम रोम में रमा हुआ सै नाम तेरा बाला जी,

पागल की जु डोले जा सु सुबह-शाम बाला जी,

हाथ थाम मेरा बाला जी मैं भटकु मारा मारा,

तेरे बिना मेरे बाला जी.....

तेरे भवन में 24 घंटे राम नाम गुण गाए,

सुबह शाम तेरी करु आरती भगता मैं मिल जाऊ,

दर्शन करना चाहु सु मनय साल बितगे बारा,

तेरे बिना मेरे बाला जी.....

भगत मुरारी समचाने मैं जिनके चेले हजार बणे,

सबके अन्दर खेलय बाबा बसा दीए नर नार घणे,

करके आशा दरबार घणे मैं भी आश लगारा,

तेरे बिना मेरे बाला जी.....

सुरजभान कझांवले आला ले आया मेहंदीपुर धाम,

गाम समाल सदा यही रहना किसके खातर लारा काम,

कप्तान शर्मा सोदा सिराहाना दर पे पैर जमारा,

तेरे बिना मेरे बाला जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।