मैं आया तेरे द्वार सुन लेना मेरी पुकार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं आया तेरे द्वार सुन लेना मेरी पुकार,

सुना है सब आते है मुरादे पाते है॥

मैं आया तेरे द्वार......

आकाश में सब चंदा तारे,

तेरी ज्योत प्रकाश से चमक रहे,

आकाश में सब चंदा तारे,

तेरी ज्योत प्रकाश से चमक रहे,

मेरे मन मे भी माँ इक दीप जला,

हरदम तेरा ही ध्यान रहे,

हरदम तेरा ही ध्यान रहे,

मेरे दिल की यही पुकार मैं आया तेरे द्वार,

सुना है सब आते है मुरादे पाते है,

मैं आया तेरे द्वार.....

अँधियारा छाया है मईया,

कुछ नजर ना आता है मईया,

अँधियारा छाया है मईया,

कुछ नजर ना आता है मईया,

बलहीन बड़ा कमजोर हूँ मैं,

बस तेरा सहारा है मईया,

बस तेरा सहारा है मईया,

मेरे दिल की यही पुकार मैं आया तेरे द्वार,

सुना है सब आते है मुरादे पाते है,

मैं आया तेरे द्वार......

बस यही कृपा मांगू तुझसे,

तेरा दर ना कभी छूटे मुझसे,

बस यही कृपा मांगू तुझसे,

तेरा दर ना कभी छूटे मुझसे,

और बोलूं क्या मैं क्या मांगू,

नही याद तेरी छूटे मुझसे,

नही याद तेरी छूटे मुझसे,

मेरे दिल की यही पुकार मैं आया तेरे द्वार

सुना है सब आते है मुरादे पाते है

मैं आया तेरे द्वार.....

मैं आया तेरे द्वार सुन लेना मेरी पुकार,

सुना है सब आते है मुरादे पाते है,

सुना है सब आते है मुरादे पाते है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।