यह माँ अंजनी का है लाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

यह माँ, अंजनी का है लाला,

जिसे जग, कहता मतवाला ll

जो मुमकिन, लागे हैं सब को,

काम इसने, वो कर डाला,,,

यह माँ, अंजनी का,,,,,,,,,,,,

सभी डरते, असुर और दैत्य,

तुम बलवान हो इतने l

तुम्हारी, भक्ति को दुनियाँ,

कहें गुणवान हो इतने ll

पिशाचर, भागते हैं डर के ll,

कहें किस से पड़ा पाला,,,

यह माँ, अंजनी का,,,,,,,,,,,,

दोबारा, न पड़े कहना,

एक ही वार में सुन ले l

तुझे पल में, पकड़ लेगा,

राह प्रभु राम की चुन ले ll

वो खुशकिस्मत बड़े होते ll,

जिन्हे मिलता है यह बाला,,,

यह माँ, अंजनी का,,,,,,,,,,,,

काम ना, आए जब दुनियाँ,

तो इसको याद कर लेना l

ये केशव, शर्मा कहता है,

अपनी फ़रियाद कह देना ll

कहें, सारे भक्त खोले ll,

तेरी तकदीर का ताला,,,

यह माँ, अंजनी का,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।