सावन जैसे किरपा की बरसात कर देना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन जैसे किरपा की, बरसात कर देना,

भक्तो के सर पे बाबा, अपना हाथ धर देना,

सावन जैसे कृपा की, बरसात कर देना……

देवो के देव हो बाबा, महादेव कहाते हो,

भक्तो को देने में, तुम ना सकुचाते हो.....-2

सेवा भक्ति का भोले, मुझको भी वर देना,

भक्तो के सर पे बाबा, अपना हाथ धर देना,

सावन जैसे कृपा की, बरसात कर देना……

खुद वन वन भटके भक्तो को, महलो में रखता है,

गुणगान करे जो तेरा उन्हें, नजरों में रखता है....-2

भोले दानी हम दीनो की, झोली भर देना,

भक्तो के सर पे बाबा, अपना हाथ धर देना,

सावन जैसे कृपा की, बरसात कर देना……

होने को तो संसार में, दरबार हजारों है,

देने वाले कई जग में, दातार हजारों है.....-2

पर हर जनम में ‘उर्मिल’ को, तू अपना दर देना,

भक्तो के सर पे बाबा, अपना हाथ धर देना,

सावन जैसे किरपा की, बरसात कर देना,

भक्तो के सर पे बाबा, अपना हाथ धर देना,

सावन जैसे कृपा की, बरसात कर देना…………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।