अर्ज़ी श्याम से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैंने अर्ज़ी लगाईं मेरे श्याम को,

बाबा ले लो खबरिया एक बार हो,

मैंने अर्ज़ी लगाईं,

किसने आकर मेरी चलाई नाव हो,

ना ही मांझी दिखे ना पतवार हो,

मैंने अर्ज़ी लगाईं………

दुःख के बादल मंडराए काली रात को,

नैया डोले रे डोले खाये हिचकोले डोले रे डोले,

बाबा साथ दो,

छोड़ ना देना बाबा दुखिया अनाथ को,

तू तो सबसे बड़ा है दीनानाथ हो,

बाबा ले लो खबरिया एक बार हो,

मैंने अर्ज़ी लगाईं……………..

आपके बिना ना नैया पार हो,

आये कोई तूफां या तेज़ धार हो,

कैसे रोकूं बोलो आंसू की धार का,

आजा करके सवारी लीले साथ हो,

बाबा ले लो खबरिया एक बार हो,

मैंने अर्ज़ी लगाईं……………..

रंजीता गाये आज पुकार आपको ,

आंधी हो या तूफां बचाना नाव को,

सत्य कहता ये ही है अरदास हो,

ज्योति लिखती ना टूटे विश्वास हो,

मैंने अर्ज़ी लगाईं मेरे श्याम को,

बाबा ले लो खबरिया एक बार हो,

मैंने अर्ज़ी लगाईं........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।