भोले मैं आया तेरे द्वार,

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय…….

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार,

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार,

ना है पूजा की थाल,

ना है फूलो का हार,

हृदय की कलियाँ है बेल पाती,

जल की धारा अँखियाँ बरसाती,

पूजा यह कर स्वीकार,

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार…..

है आस तुझसे है विश्वास तुझपे,

तुझसा दया का ना है कोई दानी……

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय…..

है सत्य तू ही,

है शिव तू ही सुन्दर,

यह सारी दुनिया तो है आनी जानी ,

दुःख और चिन्ता की अगन जलाए,

बर्फ तेरी चौखट की बस मिल जाए,

शीतलता पाऊँ अपार,

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार…..

भोले बम बम भोले…..

पीके ज़हर तूने दुनिया बचाई ,

जग सारा जाने है तेरी कहानी…….

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय……

यूँ ही नहीं तुझको केहते है भोला,

हर दिल की पीड़ा को तूने ही जानी ,

या तो ज़हर मुझको पीना सिखा दे,

या दर्द दिल के यह सारे मिटा दे,

सुन ले ह्रदय की पुकार,

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार…….

मेरा ह्रदय हर पल तुझको पूजे,

शिव शिव की धुन मेरे अन्तर में गूँजे………

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय……

सुख हो या दुख हो कोई भी घड़ी हो,

शिव के सिवा मन को कुछ भी न सूझे,

मैं तन हूँ मन हूँ मैं आत्मा हूँ,

तू सत अनन्त तू परमात्मा है ,

दे दे शरण एक बार,

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार,

भोले मैं आया तेरे द्वार,

लेकर उम्मीदें हज़ार……….

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।